राजधानी लखनऊ में रविवार को लोकभवन में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मंत्री व अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। इसमें बदलाव लाया जा सकता था। भाई-भतीजावाद हावी था। 2017 से पहले जो एप्लीकेंट ही नहीं थे, उनका भी चयन हो जाता था। यानी, जो भर्ती में शामिल ही नहीं हुआ, उसे नौकरी मिल जाती थी। जब हम आए तब इस पर बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। ऐसा भी नहीं है कि हम गोरखपुर, दिल्ली या बाहर के प्रदेशों से अधिकारी लाकर काम कर रहे हैं। सारा मानवबल वही है। कार्य करने के तरीके में बदलाव आया है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा।
उन्होंने कहा कि माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है। आज यूपी पुलिस ने करके दिखाया है, जो पहले कभी नहीं हुआ था। हमने उपद्रव पूर्ण प्रदेश को उत्सव पूर्ण प्रदेश के रूप में बदला है। महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं।
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एक लाख नौकरियां देने जा रहे हैं
सीएम योगी ने एक बार फिर दोहराया कि अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देने जा रहे हैं। हर सप्ताह नियुक्ति पत्र देने का बड़ा कार्यक्रम होता है। आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।








