बड़े रेलवे स्टेशनों पर पारंपरिक कूड़ेदान (डस्टबिन) की जगह वेस्ट कांपेक्टर स्मार्ट बिन लगाया जाएगा। यह आधुनिक पात्र कचरे को स्वत: दबाकर उसकी मात्रा कम करेगा। यानी जितना कचरा, उतनी जगह की जरूरत नहीं होगी। इससे कूड़ेदान जल्दी भरने और कचरा बाहर फैलने की समस्या कम होगी। रेलवे बोर्ड ने 16 सितंबर को सभी जोनल रेलवे को पत्र भेजकर स्थानीय परिस्थितियों और परिचालन जरूरतों के अनुसार स्मार्ट बिन की उपयोगिता का आकलन करने तथा प्रायोगिक आधार पर इन्हें लगाने की अनुमति दी है।
खासकर अधिक भीड़ वाले स्टेशनों पर यह तकनीक उपयोगी होगी, जहां पारंपरिक डस्टबिन सीमित क्षमता के कारण जल्दी भर जाते हैं। कचरे को मौके पर ही दबाकर उसकी मात्रा घटाने से उसे उठाने और निस्तारण की जरूरत भी अधिक व्यवस्थित होगी। सफाईकर्मियों को बार-बार डस्टबिन खाली करने की जरूरत कम पड़ेगी और स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखना आसान होगा। चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत रेलवे की नई पहल कचरा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।









