यूपी के वाराणसी में पितरों का तर्पण अब डिजिटल हो रहा है। हाथ में कुश, तिल और गंगाजल के साथ अब कर्मकांडी ट्राइपॉड और स्मार्टफोन के माध्यम से ई-तर्पण करा रहे हैं। विदेश में बैठे अप्रवासी भारतीय (एनआरआई), जो व्यस्तता या वीजे की अड़चनों के चलते यहां नहीं आ पा रहे हैं, अब घर बैठे विदेश से ही वीडियो कॉल पर पूर्वजों का तर्पण कराएंगे। पितृपक्ष के मौके पर वाराणसी के कर्मकांडी ब्राह्राण ई-पिंडदान के लिए बाकायदा 5,100 रूपये से लेकर 51,000 रुपपये तक ले रहे हैं। इसके अलावा लोग ऑनलाइन एप से भी पिंडदान करा रहे हैं। तर्पण कराने वालों ने इसके लिए अलग-अलग पैकेज लिए हैं। अमेरिका, जापान, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, स्पेन में रहने वाले एनआरआई अभी से ही ब्राह्मणों के संपर्क में हैं। गुड़गांव, नोएडा, बंगलूरू, हरियाणा की कई कंपनियां ऑनलाइन एप और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क साध रही हैं। त्रिपिंडी तर्पण के लिए वह हजारों रुपये चार्ज कर रही हैं। एप डाउनलोड करने के बाद ग्राहकों को कॉल करके तरह-तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं।








